अकबर ने नहीं महाराणा प्रताप ने जीता था हल्दीघाटी युद्ध, पढ़ें- इतिहास का सच

राजस्थान का इतिहास गौरवशाली है– राज्य शिक्षा मंत्री
राजस्थान के राज्य शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने इस विषय में कहा है कि राजस्थान का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है. उन्होंने कहा है कि राजस्थान का गौरवांवित करने वाला है. और उनका मानना है की आज नई पीढ़ी को इससे अवगत कराया जाना जरूरी है. देवनानी आगे कहते हैं कि इतिहास के स्कूली पाठ्यक्रम में तो तथ्यों के आधार पर कुछ परिवर्तन किए जा चुके हैं और अगर महाराणा प्रताप के शौर्य और पराक्रम को कॉलेज पाठ्यक्रम में जोड़ा जाता है तो इसमें गलत क्या है?
akbar and maharana pratap war at haldighati
क्या है शोध, किसके पास है हल्दीघाटी युद्ध में प्रताप की जीत के सबूत?
डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा जो की राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय में प्रोफेसर और इतिहासकार है उन्होंने अपना एक शोध प्रस्तुत किया है. जिसमे डॉ. साहब ने महाराणा प्रताप के समकालीन ताम्र पत्रों को आधार बताते हुए यह दावा किया है की हल्दीघाटी का युद्ध में महाराणा प्रताप ने जीता था. डॉ. शर्मा के अनुसार 18 जून 1576 ई. को हल्दीघाटी में मेवाड़ तथा मुगलों के मध्य युद्ध हुआ था. उन्होंने बताया की इस युद्ध को अभी तक अनिर्णायक बताया जाता रहा है. लेकिन वास्तव में इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने जीत हासिल की थी. और डॉ. शर्मा ने महाराणा की विजय को दर्शाने वाले प्रमाण राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में जमा कराए हैं.

क्या है सबूत?
18 जून 1576 को मेवाड़ के महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के मध्य हल्टीघाटी के युद्ध का परिणाम लगभग साढ़े चार सौ साल बाद अब सामने आया है. प्रोफेसर डॉ. शर्मा ने अपने शोध में बताया की युद्ध में महाराणा प्रताप की विजय हुई थी और विजय को दर्शाते ताम्र पत्रों से जुडे़ प्रमाण उन्होंने जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में जमा कराए गए हैं. डॉ. शर्मा के अनुसार युद्ध के बाद अगले एक साल तक महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी के आस-पास के गांवों की जमीनों के पट्टे ताम्र पत्र के रूप में जारी किए थे. ताम्र पत्र के इन पट्टो पर भगवान एकलिंगनाथ के दीवान प्रताप के हस्ताक्षर थे. उस समय यह अधिकार सिर्फ राजा के पास ही होता था. डॉ. शर्मा द्वारा महाराणा प्रताप की जीत का दावा करने संबंधी ताम्र पत्रों से जुड़े प्रमाण जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में जमा कराए गए है.

अकबर ने सेनापतियों को दी थी सजा!
मेवाड़ की धरा के दूसरे इतिहासकार भी डॉ. द्वारा किए गये इस शोध को सत्य बता रहे हैं. इतिहासकार डॉ. शर्मा बताते है कि शोध में सामने आया है कि बादशाह अकबर हल्दीघाटी युद्ध के परिणामो को लेकर मुगल सेनापति मान सिंह व आसिफ खां से नाराज हुए थे. और दोनों सेनापतियो को छह महीने तक दरबार में नहीं आने की सजा दी गई थी. डॉ. शर्मा ने आगे कहा है कि यदि मुगल सेना युद्ध जीतती, तो अकबर अपने सबसे बड़े विरोधी प्रताप को हराने वालों को पुरस्कृत जरूर करते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और ये सब बाते इस बात को जाहिर करती है कि महाराणा प्रताप ने ही हल्दीघाटी के युद्ध को संपूर्ण साहस के साथ जीता था.

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One thought on “अकबर ने नहीं महाराणा प्रताप ने जीता था हल्दीघाटी युद्ध, पढ़ें- इतिहास का सच

  • February 12, 2017 at 3:15 am
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    Ya BAAT SACH HAI

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