जानें गणेश उत्सव का एतिहासिक महत्व और गणेश चतुर्थी का इतिहास

गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक मनाया जाता है. प्राचीन काल में भी गणेश उत्सव का आयोजन होता था इसके प्रमाण हमे सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है. गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी.
History of ganesha utsav and ganesha chaturthi1
गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक मनाया जाता है. प्राचीन काल में भी गणेश उत्सव का आयोजन होता था इसके प्रमाण हमे सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है. गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी. मराठा शासको ने गणेश उत्सव के इसी क्रम को जारी रखा तथा पेशवाओ के समय भी गणेश उत्सव इसी तरह जारी रहा. चूँकि गणेशजी पेशवाओं के कुलदेवता थे इसी कारण इस समय गणेशजी को राष्ट्रदेव के रूप में दर्जा प्राप्त हो गया था. पेशवाओं के बाद ब्रिटिश काल मे 1892 तक गणेश उत्सव केवल हिन्दू घरो तक ही सिमटकर रह गया था.

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