मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की जगह नाइट्रस ऑक्साइड देने से दुसरे बच्चे ने भी दम तोड़ा

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े व प्रतिष्ठित एमवाय अस्पताल में लगातार दुसरे दिन बच्चे ने दम तोड़ा. छोटे से ऑपरेशन के लिए आये डेढ़ साल के राजवीर को ऑक्सीजन की जगह बेहोशी की गैस वाली नली लगा दी गयी जिसके चलते बच्चे के शरीर में अत्यधिक मात्र में नाइट्रस ऑक्साइड के पहुँचने से राजवीर की वहीँ मौत हो गयी.

साभार: नईदुनिया
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शुक्रवार को भी एक नए मॉड्यूलर ऑटी में गलत कनेक्शन जोड़कर ऑक्सीजन की जगह बेहोशी का गैस देने से खंडवा के रहने वाले आठ साल के आयुष ने भी दम तौड़ दिया था।

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प्रबंधन ने घटना के बाद एक जांच कमेटी बनाई, इसमें मेडिसिन विभाग के डॉ. अनिल भराणी, डॉ. संजय दीक्षित, पैथोलॉजी के डॉ. चंद्रहास कुलकर्णी, पीडियाट्रिक के सर्जरी के डॉ. आरएस गायकवार, डॉ. शरद थोरा शामिल हैं। उन्होंने प्राथमिक जांच रिपोर्ट में गैस पाइप लाइन फिटिंग करने वाले पीडब्ल्यूडी के तकनीशियन राजेंद्र चौधरी को ही दोषी माना और डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी।

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