सुंदरकांड पाठ करते समय की गयी ये गलतियां पड़ सकती है भारी, जानें ये 5 राज

सुंदरकाण्ड पाठ का जाप करते समय न करें कुछ गलतियाँ, नहीं मिलता हैं इसे जपने का फल !

सुंदरकाण्ड पाठ का जाप प्राचीन काल से होता चला आ रहा है.इस पाठ की जाप ऋषी-मुनी, देवी-देवता, मानव सभी लोग करते चले आ रहे हैं. सुंदरकाण्ड हनुमान जी की महिमा पर आधारित एक पाठ है. कहा जाता है कि यदि कोई भी व्यक्ति हनुमान चालीसा या सुंदरकाण्ड का पाठ करता है, तो हनुमान जी उस व्यक्ति पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं. ऐसा करने से हनुमान जी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और हर प्रकार की बाधा से मुक्त रखते हैं.

सुंदरकाण्ड का पाठ करने से मनुष्य को जल्दी कामयाबी मिलती है. इसको नियमपूर्वक करने से सारे दुःख दूर हो जाते हैं और सफलता भी जल्दी मिलती है. मनोवैज्ञानिक रूप से यह काण्ड आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति को बढ़ाने वाला काण्ड है. इस काण्ड का पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शक्ति की प्राप्ति होती है और किसी भी कार्य को करने की आत्मशक्ति भी मिलती है.

सुंदरकाण्ड पाठ करने से व्यक्ति को कई प्रकार के धार्मिक लाभ भी प्राप्त होते हैं. इससे सभी मनोकामनाए पूर्ण हो जाती है. यह काण्ड रामचरितमानस से अवतरित पाठ हैं. इसलिए इसमें कहीं-कहीं पर भगवान श्रीराम जी का भी वर्णन किया गया है. हनुमान जी श्री राम प्रभु जी के अतुलनीय भक्त हैं. जहाँ भी सुंदरकाण्ड या रामायण का पाठ होता है, वहां हनुमान जी का निवास होता है.

उपर्युक्त विडियो में सुंदरकाण्ड का पाठ करने से मानव जीवन को होने वाले लाभ के बारे में बताया गया है. सुंदरकाण्ड के पाठ से आप सभी मनोकामनाए पूर्ण कर सकते हैं. क्योकि इस काण्ड में हनुमान जी को प्रसन्न करने की विधि को बताया गया है, किन्तु इस काण्ड का पाठ करते समय आप पूर्ण स्वच्छ व पवित्र हो.इस पाठ की निंदा कभी न करें, नहीं तो इसका दण्ड आपको भुगतना पड़ सकता है. इसलिए इस पाठ को (ऊपर दी गई विडियो के अनुसार) करने में सावधानी बरतें.

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