आखिर क्यों किया जाता है मकर संक्रांति पर दान, धरम| why we celebrate makar sankranti and what is it’s importance

क्या होता है मकर संक्रांति और इसे क्यों मनाया जाता है(kya matlab hota hai makar sankranti ka)

why we celebrate makar sankranti and what is it's importance
भारत एक ऐसा देश है जहाँ त्योहारों को पुरे हर्ष और उल्लास के साथ बहुत ही धूम धाम से मनाया जाता है, यहाँ कई तरह के त्यौहार मनाये जाते है जो अपने-अपने धर्म पर निर्भर करते है.  ऐसे ही एक त्यौहार को हम आपके सामने लेकर आये है. उसका नाम है मकर संक्रांति.

मकर संक्रांति हिन्दू धर्म में एक पर्व की तरह मनाया जाता है, ये त्यौहार भी अपने आप में बड़ा पर्व होता है. ऐसा मानना है पौष माश में सूर्य धनु राशी को छोड़ मकर राशी पर आता है तब ये पर्व मनाया जाता है. और इसीलिए हम इसे मकर संक्रांति भी कहते है. यह पर्व जनवरी मास में पुरे १४ दिन बाद यानि चौहदवे दिन पड़ता है. ऐसा कहा जाता है की इस दिन सूर्य उत्तरायणी में अत है इसी लिए इस पर्व को भारत के कुछ राज्यों में उत्तरायणी पर्व भी कहा जाता है. भारत के एक राज्य तमिलनाडु में इसे पोंगल के नाम से भी जाना जाता है…

क्या महत्त्व है मकर संक्रांति का हमारे देश में(What is the importance of makar sankranti in hindi)

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हिन्दू धर्म के अनुसार शाश्त्रो में दक्षिणायण को गलत चीजों का प्रतिक यानि नकारात्मकता का प्रतिक कहा गया है, और इसी तरह उत्तरायण को अच्छी बातो का प्रतिक यानि सकारात्मकता का प्रतिक कहा गया है, और ये पर्व सकारात्मकता का प्रतिक है. इसीलिए जितने भी अच्छे काम है यानि जप ,ताप, दान ,विद्या, स्नान ,तर्पण आदि क्रियाओ मकर संक्रांति के दिन करना शुभ माना जाता है. हिन्दू धर्म मे ऐसी धारणा है की आज के दिन जो भी अच्छा करते है भगवान् उसके 100 गुना हमें देता है.

शाश्त्रो के अनुसार मकर संक्रांति का एतिहासिक महत्व(makar sankranti ka mahatv)

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पुराणिक कथाओ के अनुसार इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से मिलने जाते है, शनि देव जो की मकर राशी के स्वामी में के रूप जाने जाते है. अगर हम बात करे महाभारत की तो उस काल में भीष्म पितामाह ने अपनी देह यानि अपनी जान त्यागने के लिए मकर संक्रांति का चयन किया था. इस दिन गंगा माता सागर में जाकर मिली थी.

इस त्यौहार पर दान करना बहुत शुभ माना जाता है भारत में लोग अपने घर में तिल के लड्डू और खिचड़ी बना कर इसे मानते है, भारत के राज्य गुजरात में पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति मानाने का चलन है. उत्तरप्रदेश के गौरखपुर जिले में एक गौराखनाथ मंदिर है जहाँ हर साल इस पावन पर्व के दिन मेला लगाया जाता है. वहां ये पर्व खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है.

तो अब आप लोग जान गये की क्या महत्व होता है मकर संक्रांति का, अब देखिये उनसे जुड़े कुछ शुभकामना संदेश…

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यादें अक्सर होती है सताने के लिए,
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नही,
बस दिलो में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए!!
आप को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं..

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खुले आसमा में जमी से बात न करो..
ज़ी लो ज़िंदगी ख़ुशी का आस न करो..
हर त्यौहार में कम से कम हमे न भूलो करो..
फ़ोन से न सही मैसेज से ही संक्राति विश किया करो !!

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पल पल सुनहरे फूल खिले,
कभी न हो काँटों से सामना,
जिंदगी आपकी खुशियो से भरी रहे,
यही है संक्रांति पर हमारी शुभकामना!

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इस वर्ष की मकर संक्रांति,
आपके लिए हो तिल लड्डू जैसी मीठी !
मिले कामयाबी पतंग जैसी उँची,
इसी कामना वाली मकर संक्राति !!
why we celebrate makar sankranti and what is it's importance

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काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी,
टूटे ना कभी डोर विश्वास की,
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी,
जैसे पतंग छूती है ऊंचाइयां आसमान की.
मकर संक्राति की हार्दिक शुभकामनाएं!!

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Kailash Vaishnav

Kailash Vaishnav

He is writer at dilsedeshi.com. He is working as a Digital Marketing Analyst.

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