भारतीय संस्कृति और स्वदेशी से जुड़े दक्षिण की फिल्म के यह क्लिप देख आप गौरवान्वित हो जायेंगे

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बॉलीवुड में प्रतिवर्ष लगभग 1250 फ़िल्में रिलीज़ होती है और कुछ फ़िल्में हमें प्रभावित करती है जो सीधे हमारे जीवन पर प्रभाव डालती है, कुछ फ़िल्में हमारा मनोरंजन करती है जो हमें हँसाती है गुदगुदाने पर मजबूर कर देती है, और कुछ फ़िल्में समाज में परिवर्तन की दिशा में हमें कुछ नए विचार देकर जाती है. जिससे राष्ट्र के उत्थान में सहयोग मिलता है.
ये तो था फिल्मों का सकारात्मक परिचय
परन्तु यदि फिल्मों का नकारात्मक पह्लूं देखे तो आज के जमाने में कई फ़िल्में ऐसी भी है जो समाज, देश और युवाओं को गर्त में ले जाने का कार्य करती है.
कुछ सकारात्मक फिल्मों में से एक आज हम बात कर रहे है फिल्म चेन्नई वर्सेज चाइना (Chennai vs China) की. यह साउथ की फिल्म 7aum Arivu का हिंदी संस्करण है.
फिल्म पांचवी से छठी शताब्दी के बीच बोधिधर्म पर आधारित है. फिल्म में भारत से जुड़े अनेक रहस्यों को बताया गया है, भारत की स्वदेशी चिकित्सा पद्दति, भारत का गौरवशाली इतिहास और हिंदी भाषा आदि का महत्व इन फिल्म में वर्णित है. फिल्म एक बार अवश्य देखना चाहिए.

भारत के गौरवशाली इतिहास को वर्णित करती श्रुति हसन..

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हिंदी भाषा के महत्व को बहुत ही बेहतर तरीके से समझाया गया..

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भारतीय संस्कृति और स्वदेशी पद्दतियों के क्या महत्व है विडियो में देखें.

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दिल से देशी

राष्ट्र सर्वोपरि