मस्तक पर तिलक लगाने के पीछे है कई वैज्ञानिक लाभ.. जानें

भारतीय सनातन संस्कृति में तिलक लगाने की परम्परा सदियों पुरानी है. हिन्दू धर्म में सभी शुभ कार्यो में तिलक लगाने की परम्परा थी. किन्तु आज की पीढ़ी तिलक लगाने अच्छा नही मानती है. तिलक लगाना संस्कृति के अनुसार होता है किन्तु तिलक लगाने के पीछे वैज्ञानिक आधार भी है. टीका अर्थात तिलक लगाने के पीछे आध्यात्मिक भावना तो जुड़ी हुई है ही इसके साथ ही दूसरे प्रकार के लाभ भी सम्मिलित हैं.
tilak lagane ke labh
तिलक प्राय: चंदन, कुमकुम, मिट्टी, हल्दी, भस्म आदि का लगाया जाता है. कभी कभी महमानों के स्वागत में भी तिलक लगाया जाता है पूजा-पाठ इत्यादि में तिलक का बहुत अधिक महत्व है.

आइए जानते है कि तिलक लगाने से क्या फायदे होते हैं—
1. तिलक लगाने से हमारे मस्तिष्क में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्त्राव संतुलित तरीके से होता है, जिससे हमारी उदासी दूर होती है और मन में उत्साह जागता है. और यह उत्साह लोगों को अच्छे कार्यो में लगाता है.

2. तिलक लगाने से सिरदर्द की समस्या नही होती है.

3. तिलक लगाते समय उसमें कुछ मात्रा में हल्दी मिश्रित कर देना चाहिए. क्योंकि हल्दी से युक्त तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध होती है. तथा हल्दी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो रोगों से मुक्त करने में मदद करते है.
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4. ऐसा माना जाता है कि चंदन का तिलक लगाने से घर में अन्न-धन के भंडार भरते है और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

5. तिलक लगाने से व्यक्ति का व्यक्तित्व प्रभावशाली हो जाता है. तिलक लगाने का मनोवैज्ञानिक प्रभाव होता है, क्योंकि तिलक लगाने से व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्मबल में भरपूर वृद्धि होती है.

6. प्रतिदिन ललाट पर तिलक लगाने से मस्तक में तरावट आती है. तिलक लगाने से व्यक्ति शांति व सुकून का अनुभव करता हैं. तिलक लगाने से कई तरह की मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलता है.

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