गरुड़ संजीवनी लकड़ी क्या हैं और इसका रहस्य | Garuda Sanjeevani and Secrets in Hindi

गरुड़ संजीवनी लकड़ी क्या हैं और पानी के विपरीत दिशा में चलने का कारण | Garuda Sanjeevani Stick and Secrets of moving in opposite direction in Hindi

सांप की तरह पानी में दौड़ाने वाली लकड़ी बहुत ही चर्चा का विषय हैं. इस लकड़ी के अलग अलग नाम से लोगो द्वारा विडियो वायरल हो रहे हैं. यह लकड़ी लोगो के बीच चितावर, उलटी बेल, बन्दूक बेल, डबरी बेल, हडजोड और गरुड़ संजीवनी के नाम से प्रचलित हो रही हैं.

संजीवनी से तो आप सभी परिचित हैं. लेकिन फिर भी हम आपको बता दे की संजीवनी एक औषिधिय पौधा है. जिसकी उत्पत्ति लगभग तीन अरब वर्ष पहले हुई थी. संजीवनी बूटी का वर्णन हमें हिन्दू पौराणिक कथाओं में भी मिलता हैं. रामायण में लंका में युद्ध के दौरान लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे. तब लंका के वैद्य शुशेन ने संजीवनी बूटी मंगाई थी. जिसके लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी के लिए पूरा पहाड़ उठाकर लाये थे. इस संजीवनी बूटी का वर्णन आयुर्वेद के सभी ग्रंथो में भी मिलता हैं. परन्तु आज हम रामायण की संजीवनी की बात नहीं बल्कि गरुड़ संजीवनी के बारे में बात करेंगे.
गरुड़ संजीवनी अपने अनोखे गुणों के कारण ही वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च का विषय बनी हुई है. यह एक सांप की तरह दिखने वाली लकड़ी है. जिसमे पानी की विपरीत दिशा में बहने का गुण होता हैं. यदि किसी पानी से भरे बर्तन में गरुड़ संजीवनी रखी हैं और उपर से अलग से पानी डाला जाएँ तो यह पानी की धार के साथ ऊपर चड़ने लगती हैं.

पानी के विपरित दिशा में बहने का वैज्ञानिक कारण (Garuda Sanjeevani Secrets of moving in opposite direction of Water in Hindi)

वैज्ञानिक डेक्सटर ने अपने शौध में यह बताया हैं कि गरुड़ संजीवनी कोई चमत्कार के कारण पानी में नहीं चलती हैं. यह अपने घुमावदार बनावट के कारण पानी में तैरती हैं. यह लकड़ी अंदर से खोखली होती हैं.

गरुड़ संजीवनी के फैले अन्धविश्वास (Superstition Related Garuda Sanjeevani in Hindi)

  • समाज में बहुत से लोग इस लकड़ी का उपयोग करके लोगो को ठगने का कार्य कर रहे हैं. वे इस लकड़ी का उपयोग करके लोगो को अपने विश्वास में लेकर उनसे कहते हैं कि यह जमीन के गड़े खजाने की ओर जाती हैं और खजाने की खोज के नाम पर लोगो से पैसे लेते हैं.
  • यह लड़की जिसके पास होती हैं. उसके पास बहुत पैसा आने वाला होता हैं.
  • बहुत से तांत्रिक भी इस लकड़ी का उपयोग तंत्र क्रिया के लिए उपयोग करते हैं. तांत्रिको का कहना यह भी हैं गरुड़ संजीवनी जमीन में गड़े खजाने को ढूढ़ लेती हैं.
  • गरुड़ संजीवनी को अमावस्या की रात्रि को इसका तंत्र संस्कार किया जाता है. इसके बाद इसे विशेष नियमो के तहत घर में रखा जाता हैं.
  • शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भी इस संजीवनी का उपयोग किया जाता हैं.
  • मुकदमो को जीतने के लिए गरुड़ संजीवनी की जड़ को रवि पुष्य नक्षत्र में सिद्ध करके गले में बांधा जाता है. इससे हर प्रकार की परेशानियों को दूर करने के लिए गरुड़ संजीवनी का उपयोग किया जाता है.
  • वाक सिद्धी को प्राप्त करने के लिए गरुड़ संजीवनी का प्रयोग किया जाता है.

गरुड़ संजीवनी विडियो (Garuda Sanjeevani Video)

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Ujjawal Dagdhi

Ujjawal Dagdhi

उज्जवल दग्दी दिल से देशी वेबसाइट के मुख्य लेखकों में से एक हैं. इन्हें धार्मिक, इतिहास और सेहत से जुडी बातें लिखने का शौक हैं.

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