जानिए अजवाइन और इसके फायदे के बारे में | Ajwain(Carom Seeds) Ke Fayde In Hindi

Ajwain(Carom Seeds) Plant Benefits (Fayde), Effects, churan and Types in Hindi | अजवाइन के फायदे, प्रभाव, तेल और चूर्ण की जानकारी

आजवाइन इस नाम से शायद ही कोई भारतीय होगा जो परिचित न हो. आजवाइन हमारे रसोई का प्रमुख सदस्य हैं. इसके बिना रसोई अधूरी रहती हैं. हम सब अपने दादी माँ से इसके गुणों का बखान अक्सर सुनते ही रहते हैं. खाने में स्वाद की बात हो या पेट से जुड़ी कोई भी दिक्कत आती हो तो सबसे पहले आजवाइन का ही नाम याद आता हैं.

तो चलिये दोस्तों आज आपको मैं इस औषधि से परिचय कराऊँगा और आजवाइन से जुड़े हुए कुछ दादी माँ के अचूक नुस्खे भी बताऊंगा.

आजवाइन (Ajwain Ke Fayde in Hindi)

आजवाइन अपियासी (उंबेलिफेरे) परिवार की एक झाड़ीनुमा वनस्पति है. छोटे स्तर पर इसकी खेती भी की जाती हैं. ये अपने गुणों के कारण बहुत उपयोगी औषधि हैं. इसका मुख्य रूप से उपयोग मशाले बनाने में और औषधि के रूप में होता हैं. आजवाइन का वैज्ञानिक नाम ट्रैक्स्स्पर्मम कॉप्टिकम हैं. यह बिशप की घास या कैरम के बीज के रूप में भी जाना जाता है.

आजवाइन में पाए जाने वाले तत्व इस प्रकार हैं:-

फाइबर – 11.9%
कार्बोहाइड्रेट – 38.6%
टैनिन, ग्लाइकोसाइड, नमी – 8.9%
प्रोटीन – 15.4%
वसा – 18.1%

इसके अलावा इसमें सैपोनिन, फ्लावेन और फास्फोरस, कैल्शियम, लोहा और निकोटीनिक एसिड युक्त खनिज पदार्थ (7.1%) शामिल हैं.

पौधों के प्रकार (Types of Ajwain)

आजवाइन के पौधों की कई उन्नत किस्मे है

1. गोल्डन सेल्फ ब्लाँचिंग

यह पौधा हल्का खुशबूदार होता हैं. इसके डंठल मोठे और पत्तियां चौड़ी होती हैं.

2.यूटाह

यह अधिकतर ठंडे प्रदेशो में उगाया जाता हैं.

3.स्टेन्डर्ड बियरर

इस पौधे के डंठल और पत्तियां बड़ी होती हैं. पर अधिक विकास करने के बाबजूद इनके डंठल नही बढ़ते हैं.

4.जॉइंट पास्कल

इनकी पत्तियां छोटी होती हैं. यह गहरे हरे रंग का होता हैं.

अजवाइन का उपयोग (Ajwain Ka Upayog)

चलिये अब बात करते हैं कि आजवाइन का किस तरह से उपयोग करे

  • एक चम्मच आजवाइन चूर्ण, 1 चम्मच जीरा चूर्ण और अदरक का पाउडर मिलाकर खाने से पेट मे गैस की दिक्कत दूर होती हैं.
  • अस्थमा के मरीजो को सांस लेने में दिक्कत होती हैं. इसके लिए वो अजवाइन का धुआं ले, उनकी सांस खुल जाएगी.
  • पिम्पल्स होने पर आजवाइन को दही में मिलाकर पिम्पल वाले स्थान पर लगाए और कुछ देर बाद धो ले. ऐसा कुछ दिन करने से पिम्पल ठीक हो जाएगे.
  • आजवाइन का पेस्ट जले हुए स्थान पर लगाने से उसका निशान मिट जाता हैं.
  • छांछ में आजवाइन और काला नमक डालकर पीने के पाइल्स की समस्या दूर हो जाती हैं.

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आजवाइन का तेल (Ajwain Ka Tel)

आजवाइन को तेल के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं. इसके औषधीय गुण के कारण यह तेल किसी भी तरह के दर्द में काफी सहायक होता हैं. आजवाइन के तेल को आप घर पर भी बना सकते है इसके लिए चाहिए:

  1. 10 ग्राम आजवाइन का तेल
  2. 10 ग्राम कपूर
  3. 20 ग्राम पिपरमेंट

इन तीनों को मिलाकर एक बोतल में भर दे. दर्द या कमरदर्द या पसलीदर्द, सिरदर्द आदि में तुरंत लाभ पहुंचानेवाली औषधि है. इसके अलावा यह तेल अमेज़ॉन जैसी ऑनलाइन साइट से भी आसानी से मिल जाता हैं.

आजवाइन चूर्ण (Ajwain churan in Hindi)

मेथी दाना : 250 ग्राम
आजवाइन: 100 ग्राम
काली जीरी: 50 ग्राम

इन्हें हल्का सेक ले फिर इनका चूर्ण बनाकर कांच के बोतल में रख ले. रात को सोने से पहले 1/2 चम्मच गर्म पानी के साथ ले. इस चूर्ण के अनेक फायदे हैं. इस रोज लिया जा सकता हैं. इसके फायदे तभी दिखाई देगे, जब इसे लगातार 90 दिनों तक लिया जाए.

इस चूर्ण के कुछ फायदे (Ajwain Churan Ke Fayde)

  1. कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र का हो, इस चूर्ण का सेवन कर सकता है. मात्रा का ध्यान रखें.
  2. गठिया वादी हमेशा के लिए समाप्त होती है.
  3. डाइबिटीज़ काबू में रहती है, चाहें तोइसकी दवा ज़ारी रख सकते हैं.
  4. भूतकाल में सेवन की गयी एलोपैथिक दवाओं के साइड -इफेक्ट्स से मुक्ति मिलती है.
  5. ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धिहोती है, कोलेस्ट्रोलकम होता है. जिस से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता.

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Shashank Sharma

Shashank Sharma

शशांक दिल से देशी वेबसाइट के कंटेंट हेड और SEO एक्सपर्ट हैं और कभी कभी इतिहास से जुडी जानकारी पर लिखना पसंद करते हैं.

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